Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.7.70: अब मैं एक खाली घर में रहने वाला अभागा इंसान हूँ। मेरी पत्नी नहीं रही; मेरे बच्चे नहीं रहे। भला मैं क्यों जीना चाहूँ? मेरे परिवार से बिछड़ने का दर्द मेरे दिल में इस कदर बसा है कि मेरी ज़िंदगी अब सिर्फ़ तकलीफ़ बनकर रह गई है। | bhagavat अध्याय 11.7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब मैं एक खाली घर में रहने वाला अभागा इंसान हूँ। मेरी पत्नी नहीं रही; मेरे बच्चे नहीं रहे। भला मैं क्यों जीना चाहूँ? मेरे परिवार से बिछड़ने का दर्द मेरे दिल में इस कदर बसा है कि मेरी ज़िंदगी अब सिर्फ़ तकलीफ़ बनकर रह गई है।
Now I am a miserable man living in a desolate house. My wife is dead, my children are dead. Why should I want to live? My heart is so pained by the separation from my family that my life has become nothing but suffering.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥