Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.7.69: मैं और मेरी पत्नी एक आदर्श जोड़ा थे। वह हमेशा मेरी आज्ञा का पालन करती थी और मुझे ईश्वर की तरह पूजती थी। लेकिन अब, वह अपने बच्चों को खो दिया है और घर खाली देखकर मुझे अकेला छोड़कर हमारे पवित्र बच्चों के साथ स्वर्ग चली गई है। | bhagavat अध्याय 11.7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुरूपानुकूला च यस्य मे पतिदेवता ।
शून्ये गृहे मां सन्त्यज्य पुत्रै: स्वर्याति साधुभि: ॥ ६९ ॥
अनुवाद
मैं और मेरी पत्नी एक आदर्श जोड़ा थे। वह हमेशा मेरी आज्ञा का पालन करती थी और मुझे ईश्वर की तरह पूजती थी। लेकिन अब, वह अपने बच्चों को खो दिया है और घर खाली देखकर मुझे अकेला छोड़कर हमारे पवित्र बच्चों के साथ स्वर्ग चली गई है।
"My wife and I were an ideal couple. She always obeyed me and treated me like her god, but now seeing her children destroyed and her house empty, she left me and went to heaven with our saintly children."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥