Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.7.60: अपने पक्षी बच्चों को सुखी देखकर माता-पिता के मन में अत्याधिक खुशी हुई। उन्होंने देखा उनके बच्चों के पंख बहुत मुलायम थे, चहचहाहट बड़ी मधुर थी, घोंसले के आसपास उछलकूद करते थे और उड़ने की भी कोशिश करते थे। माता-पिता अपने बच्चों के हर छोटे प्रयास पर खुश हो रहे थे। | bhagavat अध्याय 11.7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने पक्षी बच्चों को सुखी देखकर माता-पिता के मन में अत्याधिक खुशी हुई। उन्होंने देखा उनके बच्चों के पंख बहुत मुलायम थे, चहचहाहट बड़ी मधुर थी, घोंसले के आसपास उछलकूद करते थे और उड़ने की भी कोशिश करते थे। माता-पिता अपने बच्चों के हर छोटे प्रयास पर खुश हो रहे थे।
These parents were very happy to see the soft feathers of their baby birds, their chirping, their hopping around the nest, their jumping and trying to fly. The parents were also happy to see their children happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥