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bhagavat 11.7.57: तत्पश्चात्, कबूतरी ने पहली बार गर्भधारण किया। जब समय आ पहुँचा तो उस पवित्र कबूतरी ने अपने पति की उपस्थिति में घोंसले में कई अंडे दिए।   |   bhagavat अध्याय 11.7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  11.7.57 
कपोती प्रथमं गर्भं गृह्णन्ती काल आगते ।
अण्डानि सुषुवे नीडे स्वपत्यु: सन्निधौ सती ॥ ५७ ॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, कबूतरी ने पहली बार गर्भधारण किया। जब समय आ पहुँचा तो उस पवित्र कबूतरी ने अपने पति की उपस्थिति में घोंसले में कई अंडे दिए।
 
Thereafter, the pigeon experienced her first pregnancy. When the time came, the pious pigeon laid several eggs in the nest in the presence of her husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)