श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  11.7.49 
कालेन ह्योघवेगेन भूतानां प्रभवाप्ययौ ।
नित्यावपि न द‍ृश्येते आत्मनोऽग्नेर्यथार्चिषाम् ॥ ४९ ॥
 
 
अनुवाद
आग की लपटें पल-पल प्रकट और विलुप्त होती रहती हैं, पर ये निर्माण और विनाश आम तौर पर दिखाई नहीं पड़ता। उसी तरह समय की बलशाली लहरें नदी की तेज़ धाराओं की तरह लगातार बहती रहती हैं और चुपके से असंख्य भौतिक शरीरों को जन्म, वृद्धि और मृत्यु देती रहती हैं। इसके बावजूद आत्मा, जिसे लगातार अपना स्थान बदलना पड़ता है, समय की इन करतूतों को नहीं देख पाता।
 
The flames of fire appear and disappear every moment, and this creation and destruction is invisible to ordinary observers. Similarly, the powerful waves of time flow like the mighty currents of a river and invisibly give birth, growth and death to innumerable material bodies. Yet the soul, which has to constantly change its state, cannot see the deeds of time.
तात्पर्य
ब्राह्मण अवधूत राजा यदु को निर्देश करते हुए पहले चंद्रमा के उदाहरण के उपरांत फिर से अग्नि का उदाहरण दे रहे हैं। इस विश्लेषण पद्धति को सिंहवलोकन, या "सिंह की दृष्टि", कहते हैं, जिसके द्वारा कोई एक साथ आगे बढ़ता है और यह देखने के लिए पीछे की ओर नज़र डालता है कि क्या कुछ छूट गया है। इस प्रकार ऋषि अपने विश्लेषण के साथ आगे बढ़ते हैं लेकिन त्याग की आवश्यकता को दर्शाने के लिए अग्नि के उदाहरण पर लौट आते हैं। भौतिक शरीर निश्चित रूप से प्रभु की बाहरी शक्ति का एक अल्पकालिक और भ्रामक रूप है। आग की लपटें लगातार जन्म लेती हैं और गायब हो जाती हैं, फिर भी हम आग को एक निरंतर वास्तविकता के रूप में देखते हैं। इसी तरह, आत्मा एक निरंतर वास्तविकता है, हालांकि समय के प्रभाव से उसका भौतिक शरीर लगातार प्रकट और विलुप्त होता रहता है। ऐसा कहा जाता है कि सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि कोई भी यह नहीं सोचता कि वह मर जाएगा। क्योंकि आत्मा शाश्वत है, जीव किसी भी क्षणभंगुर स्थिति को स्थायी रूप से स्वीकार कर लेता है, यह भूल जाता है कि उसके शाश्वत स्वरूप का अनुभव वास्तव में केवल आध्यात्मिक आकाश के शाश्वत वातावरण में ही किया जा सकता है। यदि कोई इस तथ्य के प्रति आश्वस्त हो जाता है, तो वह वैराग्य, या भौतिक भ्रम से वैराग्य के गुण को विकसित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)