Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.7.26: श्री यदु ने कहा : हे ब्राह्मण, मैं देख रहा हूँ कि आप किसी व्यावहारिक धार्मिक कृत्य में नहीं लगे हुए हैं, लेकिन फिर भी आपने इस जगत की सभी वस्तुओं और सभी लोगों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त कर रखी है। हे महानुभाव, मुझे बताएं कि आपने यह असाधारण बुद्धि कैसे प्राप्त की है और आप पूरे संसार में विचरते हैं और एक बच्चे की तरह मुक्त रूप से व्यवहार करते हैं? | bhagavat अध्याय 11.7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री यदु ने कहा : हे ब्राह्मण, मैं देख रहा हूँ कि आप किसी व्यावहारिक धार्मिक कृत्य में नहीं लगे हुए हैं, लेकिन फिर भी आपने इस जगत की सभी वस्तुओं और सभी लोगों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त कर रखी है। हे महानुभाव, मुझे बताएं कि आपने यह असाधारण बुद्धि कैसे प्राप्त की है और आप पूरे संसार में विचरते हैं और एक बच्चे की तरह मुक्त रूप से व्यवहार करते हैं?
Sri Yadu said: O Brahmin, I see that you are not engaged in any practical religious activities, yet you have acquired the correct knowledge of all the things and people in this world. O noble one, tell me how you have acquired this extraordinary wisdom and why you are roaming freely like a child throughout the world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥