भगवान विष्णु, भगवान का व्यक्तित्व, सभी प्रभुओं के सर्वोच्च स्वामी हैं; देवता उनके श्रेष्ठ भाग और पार्सल हैं। स्वयं सूक्ष्म जीवात्मा होने के कारण, देवता माया की शक्ति के प्रभाव में हैं; लेकिन भगवान विष्णु हमेशा माया के सर्वोच्च नियंत्रक हैं। ईश्वर का व्यक्तित्व अस्तित्व का भंडार और मूल है, और भौतिक दुनिया उनके शाश्वत, आध्यात्मिक निवास के शानदार दृश्यों का केवल एक धुंधला प्रतिबिंब है, जहाँ सब कुछ असीम रूप से सुंदर और आनंददायक है। विष्णु सर्वोच्च वास्तविकता हैं, और कोई भी जीवित प्राणी कभी भी उनके समान या उनसे बड़ा नहीं हो सकता है। भगवान अपनी स्वयं की अनूठी श्रेणी में मौजूद हैं जिसे विष्णु-तत्व, या भगवान का सर्वोच्च व्यक्तित्व कहा जाता है। अन्य सभी प्रमुख या असाधारण जीवित प्राणी अपनी स्थिति और शक्तियों का श्रेय भगवान को देते हैं। अंततः स्वयं विष्णु भगवान कृष्ण का एक पूर्ण विस्तार हैं, जो सभी विष्णु-तत्व और जीवा-तत्व विस्तारों का मूल स्रोत हैं। इस प्रकार भगवान कृष्ण ही हर चीज का आधार हैं।
