श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 7: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव को उपदेश  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  11.7.1 
श्रीभगवानुवाच
यदात्थ मां महाभाग तच्चिकीर्षितमेव मे ।
ब्रह्मा भवो लोकपाला: स्वर्वासं मेऽभिकाङ्क्षिण: ॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा: हे सौभाग्यशाली उद्धव, तुमने पृथ्वी से यदुवंश को समेटने और अपने धाम वैकुण्ठ लौटने की मेरी इच्छा को समझा ही लिया है। यही वजह है कि ब्रह्मा, शिव और अन्य ग्रहों के अधिपतिगण, अब मुझसे प्रार्थना कर रहे हैं कि मैं वापस अपने धाम वैकुण्ठ को चला जाऊँ।
 
The Lord said: O most fortunate Uddhava, you have correctly understood my desire to withdraw the Yadu dynasty from this earth and return to my abode in Vaikuntha. Thus Brahma, Shiva and all other world-leaders are now praying to me to return to my abode in Vaikuntha.
तात्पर्य
प्रत्येक देवता का भौतिक जगत के स्वर्गीय ग्रहों में अपना निजी निवास है। यद्यपि भगवान विष्णु को कभी-कभी देवताओं में गिना जाता है, लेकिन उनका निवास वैकुंठ में है, जो आध्यात्मिक आकाश है। देवता माया के राज्य के भीतर सार्वभौमिक नियंत्रक हैं, लेकिन विष्णु भ्रामक शक्ति और कई अन्य आध्यात्मिक शक्तियों के स्वामी हैं। उनका श्रेष्ठ निवास उनकी तुच्छ दासी माया के राज्य के भीतर नहीं है।

भगवान विष्णु, भगवान का व्यक्तित्व, सभी प्रभुओं के सर्वोच्च स्वामी हैं; देवता उनके श्रेष्ठ भाग और पार्सल हैं। स्वयं सूक्ष्म जीवात्मा होने के कारण, देवता माया की शक्ति के प्रभाव में हैं; लेकिन भगवान विष्णु हमेशा माया के सर्वोच्च नियंत्रक हैं। ईश्वर का व्यक्तित्व अस्तित्व का भंडार और मूल है, और भौतिक दुनिया उनके शाश्वत, आध्यात्मिक निवास के शानदार दृश्यों का केवल एक धुंधला प्रतिबिंब है, जहाँ सब कुछ असीम रूप से सुंदर और आनंददायक है। विष्णु सर्वोच्च वास्तविकता हैं, और कोई भी जीवित प्राणी कभी भी उनके समान या उनसे बड़ा नहीं हो सकता है। भगवान अपनी स्वयं की अनूठी श्रेणी में मौजूद हैं जिसे विष्णु-तत्व, या भगवान का सर्वोच्च व्यक्तित्व कहा जाता है। अन्य सभी प्रमुख या असाधारण जीवित प्राणी अपनी स्थिति और शक्तियों का श्रेय भगवान को देते हैं। अंततः स्वयं विष्णु भगवान कृष्ण का एक पूर्ण विस्तार हैं, जो सभी विष्णु-तत्व और जीवा-तत्व विस्तारों का मूल स्रोत हैं। इस प्रकार भगवान कृष्ण ही हर चीज का आधार हैं।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)