श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 6: यदुवंश का प्रभास गमन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  11.6.39 
श्रीशुक उवाच
एवं भगवतादिष्टा यादवा: कुरुनन्दन ।
गन्तुं कृतधियस्तीर्थं स्यन्दनान् समयूयुजन् ॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे कुरुओं के प्रिय पुत्र, इस प्रकार भगवान के निर्देशानुसार यादवों ने उस पवित्र स्थल, प्रभास-क्षेत्र में जाने का निश्चय किया और अपने अपने रथों में घोड़े जोत लिए।
 
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे कुरुओं के प्रिय पुत्र, इस प्रकार भगवान के निर्देशानुसार यादवों ने उस पवित्र स्थल, प्रभास-क्षेत्र में जाने का निश्चय किया और अपने अपने रथों में घोड़े जोत लिए।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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