जैसा कि श्रुति-मंत्रों में कहा गया है, चरणं पवित्रं वितातं पुराणं येन पूतस्तरति दुष्कृतानि: "भगवद् व्यक्तित्व के कमल जैसे चरण अत्यंत पवित्र हैं, सर्वव्यापी हैं और सर्वाधिक प्राचीन हैं। जो उनके द्वारा शुद्ध किया जाता है वह सभी पिछली पापपूर्ण गतिविधियों से मुक्त हो जाता है।" पूरे ब्रह्मांड में भगवान के कमल जैसी पैरों की पूजा करने की प्रक्रिया सबसे प्रसिद्ध है।
