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bhagavat 11.4.23: हे महाबाहु राजा, ब्रह्मांड के स्वामी भगवान् के अनगिनत जन्म और कर्म हैं, जिन्हें मैं पहले ही बता चुका हूँ। वास्तव में, भगवान की महिमा असीम है।   |   bhagavat अध्याय 11.4: राजा निमि से द्रुमिल द्वारा ईश्वर के अवतारों का वर्णन   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 4: राजा निमि से द्रुमिल द्वारा ईश्वर के अवतारों का वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  11.4.23 
एवंविधानि कर्माणि जन्मानि च जगत्पते: ।
भूरीणि भूरियशसो वर्णितानि महाभुज ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु राजा, ब्रह्मांड के स्वामी भगवान् के अनगिनत जन्म और कर्म हैं, जिन्हें मैं पहले ही बता चुका हूँ। वास्तव में, भगवान की महिमा असीम है।
 
O mighty-armed king, the Lord of the universe has such numerous births and deeds as I have described. Indeed, the glory of the Lord is infinite.
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध ग्यारह के अंतर्गत चौथा अध्याय समाप्त होता है ।
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)