Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.4.20: भगवान निरंतर देवताओं और असुरों के बीच होने वाले युद्धों का लाभ उठाते हैं और असुरों के नेताओं का वध करते हैं। इस प्रकार, भगवान प्रत्येक मन्वन्तर में अपने विभिन्न अवतारों के माध्यम से ब्रह्मांड की रक्षा करते हुए देवताओं को प्रोत्साहित करते रहते हैं। भगवान ने वामन के रूप में भी अवतार लिया और बलि महाराज से तीन पग धरती मांगने के बहाने पृथ्वी को छीन लिया। इसके बाद, भगवान ने अदिति के पुत्रों को पूरा जगत वापस कर दिया। | bhagavat अध्याय 11.4: राजा निमि से द्रुमिल द्वारा ईश्वर के अवतारों का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवासुरे युधि च दैत्यपतीन् सुरार्थे
हत्वान्तरेषु भुवनान्यदधात् कलाभि: ।
भूत्वाथ वामन इमामहरद् बले: क्ष्मां
याच्ञाच्छलेन समदाददिते: सुतेभ्य: ॥ २० ॥
अनुवाद
भगवान निरंतर देवताओं और असुरों के बीच होने वाले युद्धों का लाभ उठाते हैं और असुरों के नेताओं का वध करते हैं। इस प्रकार, भगवान प्रत्येक मन्वन्तर में अपने विभिन्न अवतारों के माध्यम से ब्रह्मांड की रक्षा करते हुए देवताओं को प्रोत्साहित करते रहते हैं। भगवान ने वामन के रूप में भी अवतार लिया और बलि महाराज से तीन पग धरती मांगने के बहाने पृथ्वी को छीन लिया। इसके बाद, भगवान ने अदिति के पुत्रों को पूरा जगत वापस कर दिया।
The Lord constantly takes advantage of the wars between the demigods and the demons to kill the demon-heroes. Thus the Lord encourages the demigods by protecting the universe through His various incarnations in each manvantara. The Lord also appeared as Vamana and took the earth from Bali Maharaja on the pretext of asking for three steps of land. Thereafter, the Lord returned the entire universe to the sons of Aditi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥