Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.4.19: भगवान ने बालखिल्य नामक छोटे तपस्वी ऋषियों को भी बचाया, जब वे गाय के खुर के निशान में गिरे थे और इंद्र उन पर हंस रहे थे। इसके बाद, भगवान ने इंद्र को भी बचाया, जो वृत्रासुर की हत्या के पाप कर्म के फलस्वरूप अंधेरे से ढका हुआ था। जब देवताओं की पत्नियां असुरों के महल में असहाय होकर कैद हो गई थीं, तो भगवान ने ही उन्हें बचाया था। नृसिंह अवतार में भगवान ने अपने संत-भक्तों के भय को दूर करने के लिए असुरों के राजा हिरण्यकश्यप की हत्या की थी। | bhagavat अध्याय 11.4: राजा निमि से द्रुमिल द्वारा ईश्वर के अवतारों का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संस्तुन्वतो निपतितान् श्रमणानृषींश्च
शक्रं च वृत्रवधतस्तमसि प्रविष्टम् ।
देवस्त्रियोऽसुरगृहे पिहिता अनाथा
जघ्नेऽसुरेन्द्रमभयाय सतां नृसिंहे ॥ १९ ॥
अनुवाद
भगवान ने बालखिल्य नामक छोटे तपस्वी ऋषियों को भी बचाया, जब वे गाय के खुर के निशान में गिरे थे और इंद्र उन पर हंस रहे थे। इसके बाद, भगवान ने इंद्र को भी बचाया, जो वृत्रासुर की हत्या के पाप कर्म के फलस्वरूप अंधेरे से ढका हुआ था। जब देवताओं की पत्नियां असुरों के महल में असहाय होकर कैद हो गई थीं, तो भगवान ने ही उन्हें बचाया था। नृसिंह अवतार में भगवान ने अपने संत-भक्तों के भय को दूर करने के लिए असुरों के राजा हिरण्यकश्यप की हत्या की थी।
The Lord also saved the miniature sages called Valakhilyas when they had fallen into the cow-hoof water and Indra was laughing at them. Thereafter, the Lord also saved Indra, who was veiled in darkness as a result of the sinful act of killing Vṛtrāsura. When the wives of the gods were helplessly imprisoned in the palace of the demons, the Lord saved them. In His Nṛsimha incarnation, the Lord killed the demon king Hiraṇyakaśipu to dispel the fear of His saint-devotees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥