श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 31: भगवान् श्रीकृष्ण का अंतर्धान होना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  11.31.25 
स्‍त्रीबालवृद्धानादाय हतशेषान् धनञ्जय: ।
इन्द्रप्रस्थं समावेश्य वज्रं तत्राभ्यषेचयत् ॥ २५ ॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने यदु वंश के बचे हुए लोगों को इन्द्रप्रस्थ ले गए, जिसमें महिलाएँ, बच्चे और वृद्ध थे। वहाँ उन्होंने अनिरुद्ध के पुत्र वज्र को यदुओं का शासक बनाया।
 
Arjuna brought the remaining women, children and old people of the Yadu dynasty to Indraprastha where he established Aniruddha's son Vajra as the ruler of the Yadavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)