श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 31: भगवान् श्रीकृष्ण का अंतर्धान होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  11.31.22 
बन्धूनां नष्टगोत्राणामर्जुन: साम्परायिकम् ।
हतानां कारयामास यथावदनुपूर्वश: ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद अर्जुन ने इस बात का ध्यान रखा कि जिन मृतकों के परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा था, उनका उचित तरीके से अंतिम संस्कार किया जाए। उन्होंने एक के बाद एक सभी यादवों के आवश्यक अनुष्ठानों को पूरा किया।
 
Thereafter Arjuna took care to properly cremate those dead who had no male members left in their families. He performed the desired rituals of all the Yadus one by one.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)