श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 31: भगवान् श्रीकृष्ण का अंतर्धान होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  11.31.1 
श्रीशुक उवाच
अथ तत्रागमद् ब्रह्मा भवान्या च समं भव: ।
महेन्द्रप्रमुखा देवा मुनय: सप्रजेश्वरा: ॥ १ ॥
 
 
अनुवाद
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा : तब भगवान शिव और उनके साथ उनकी अर्धांगिनी, मुनिगण, प्रजापति और इन्द्र सहित देवतागण प्रभास पहुँचे।
 
Sukadeva Goswami said: Then Lord Brahma, along with Shiva and his beloved, sages, Prajapatis and gods like Indra, came to Prabhas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)