श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 30: यदुवंश का संहार  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  11.30.9 
विधिरेष ह्यरिष्टघ्नो मङ्गलायनमुत्तमम् ।
देवद्विजगवां पूजा भूतेषु परमो भव: ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
अपने आसन्न संकट का सामना करने के लिए यह निश्चित रूप से उचित मार्ग है और इससे निश्चित रूप से परम सौभाग्य प्राप्त होगा। देवता, ब्राह्मण और गायों की ऐसी पूजा संपूर्ण जीवों के लिए सर्वश्रेष्ठ जन्म प्राप्त करने वाली हो सकती है।
 
This is undoubtedly the right method to face the impending danger and will certainly lead to the highest good fortune. Such worship of the gods, brahmanas and cows can secure the highest birth for all living beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)