Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.30.7: उसके बाद, हमें शुद्धि के लिए स्नान करके और उपवास रखकर, अपने मन को एकाग्रता में स्थिर करना चाहिए। फिर, हमें देवताओं की मूर्तियों को स्नान कराकर और चंदन का लेप करके उनका पूजन करना चाहिए और उन्हें विभिन्न भेंटें अर्पित करनी चाहिए। | bhagavat अध्याय 11.30: यदुवंश का संहार । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके बाद, हमें शुद्धि के लिए स्नान करके और उपवास रखकर, अपने मन को एकाग्रता में स्थिर करना चाहिए। फिर, हमें देवताओं की मूर्तियों को स्नान कराकर और चंदन का लेप करके उनका पूजन करना चाहिए और उन्हें विभिन्न भेंटें अर्पित करनी चाहिए।
There we bathe for purification, observe a fast and concentrate our minds in meditation. Then we worship the idols of the gods by bathing them, applying sandalwood paste and offering them various gifts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥