श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 30: यदुवंश का संहार  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  11.30.6 
स्‍त्रियो बालाश्च वृद्धाश्च शङ्खोद्धारं व्रजन्त्वित: ।
वयं प्रभासं यास्यामो यत्र प्रत्यक् सरस्वती ॥ ६ ॥
 
 
अनुवाद
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इस शहर को छोड़कर शंखोद्धार जाना चाहिए। हम प्रभास क्षेत्र जाएंगे, जहाँ सरस्वती नदी पश्चिम की ओर बहती है।
 
Women, children and old people should leave this city and go to Shankhoddhar. We all will go to Prabhas area where the Saraswati river flows west.
तात्पर्य
यहाँ वयम् शब्द से यदु वंश के शक्तिशाली पुरुष सदस्यों का बोध है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)