इसलिए हे वैकुण्ठपति, आप इस पापी पशु-शिकारी को तुरन्त मार डालें ताकि वह फिर से सत्पुरुषों के साथ ऐसा अपराध न कर सके।
Therefore, O Lord of Vaikuntha, please kill this sinful animal hunter immediately, so that he may not commit such a crime against virtuous people again.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर समझाते हैं कि यादव वंश का भयानक युद्ध और शिकारी द्वारा भगवान कृष्ण पर हमला स्पष्ट रूप से भगवान की आंतरिक शक्ति की गतिविधियाँ हैं जो भगवान की विहार की इच्छाओं को पूरा करने का साधन हैं। प्रमाण के अनुसार, यादव वंश के सदस्यों के बीच झगड़ा सूर्यास्त के समय हुआ था; फिर भगवान सरस्वती नदी के किनारे बैठ गए। इसमें कहा गया है कि एक शिकारी हिरण को मारने के इरादे से वहाँ आया, पर यह बहुत कम संभावित है -- जब एक बड़ी चिल्लाहट के साथ युद्ध में केवल 560 मिलियन योद्धा ही मारे गए थे और स्थान रक्त से भरा पड़ा था और लाशें बिखरी हुई थीं -- कि एक सामान्य शिकारी किसी तरह एक हिरण को मारने की कोशिश करता। चूँकि हिरण स्वभाव से डरपोक और भयभीत होते हैं, तो कोई हिरण ऐसे बड़े युद्ध के दृश्य पर कैसे हो सकता है, और एक शिकारी ऐसे संहार के बीच में शांति से कैसे अपने काम को अंजाम दे सकता है? इसलिए, यादव वंश की वापसी और इस पृथ्वी से भगवान कृष्ण का अपना गायब हो जाना भौतिक ऐतिहासिक घटनाएँ नहीं थीं; बल्कि वे पृथ्वी पर उनके अव्यक्त विहार को समाप्त करने के उद्देश्य से भगवान की आंतरिक शक्ति का प्रदर्शन थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥