निर्माण और विनाश, जन्म और मृत्यु के लिए इस तरह की तकनीकी व्यवस्था भगवान के शाश्वत आध्यात्मिक राज्य में मौजूद नहीं है। आध्यात्मिक आकाश में भगवान और उनके भक्तों का विविध आध्यात्मिक आनंद भौतिक दुनिया में पाए जाने वाले जन्म, रखरखाव और विनाश के निम्न चक्रों से बाधित नहीं होता है।
