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भगवान की अर्चाविग्रह स्थापना से मनुष्य सारी पृथ्वी का स्वामी बन जाता है; भगवान के लिए मंदिर बनवाने से तीनों लोकों का शासक बन जाता है; अर्चाविग्रह की पूजा-अर्चना तथा सेवा करने से वह ब्रह्मलोक जाता है और इन तीनों कार्यों को करने से वह मेरे जैसा ही दिव्य रूप प्राप्त करता है।
By establishing the Deity of the Lord he becomes the king of the entire earth; by building a temple for the Lord he becomes the ruler of the three worlds; by worshipping and serving the Deity he goes to Brahmaloka and by performing these three activities he attains a transcendental form like Me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥