Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.27.43: वह एक बार फिर अर्चाविग्रह को मुख धोने के लिए जल अर्पित करे और भगवान् का जो बचा हुआ भोजन हो उसे विष्वक्सेन को दे दे। तत्पश्चात् वह अर्चाविग्रह को मुख शुद्धि के लिए सुगंधित जल और तैयार पान का बीड़ा अर्पित करे। | bhagavat अध्याय 11.27: देवपूजा विषयक श्रीकृष्ण के आदेश । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह एक बार फिर अर्चाविग्रह को मुख धोने के लिए जल अर्पित करे और भगवान् का जो बचा हुआ भोजन हो उसे विष्वक्सेन को दे दे। तत्पश्चात् वह अर्चाविग्रह को मुख शुद्धि के लिए सुगंधित जल और तैयार पान का बीड़ा अर्पित करे।
He should once again offer water to Archavigraha for washing his face and give the remaining food to Vishvaksena. He should then offer fragrant mouth cleanser and the applied betel leaf to Archavigraha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥