जैसे किसी यज्ञ की अग्नि के पास पहुँचने पर व्यक्ति शीत, भय और अंधेरे से दूर हो जाता है, उसी प्रकार भगवान के भक्तों की सेवा में लगा रहने वाला व्यक्ति आलस्य, भय और अज्ञान से दूर हो जाता है।
Just as cold, fear and darkness disappear for a person who has reached the sacrificial fire, similarly, laziness, fear and ignorance disappear from a person who remains engaged in the service of the devotees of the Lord.
तात्पर्य
कामुकता में जीने वाले लोग निश्चित रूप से तुच्छ हैं। उन्हें परमेश्वर और आत्मा के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। भौतिकवादी लोग अपनी इंद्रियों को खुश करने और अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में व्यवस्थित रूप से लगे रहते हैं और इस प्रकार वे तुच्छ या व्यावहारिक रूप से अचेत माने जाते हैं। जब कोई प्रभु के चरण-कमलों की सेवा करता है, तो इस तरह के सभी अज्ञान, भय और तर्क हटा दिए जाते हैं, जैसे ठंड, भय और अंधकार हटा दिए जाते हैं जब कोई आग के पास जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥