किं विद्यया किं तपसा किं त्यागेन श्रुतेन वा ।
किं विविक्तेन मौनेन स्त्रीभिर्यस्य मनो हृतम् ॥ १२ ॥
अनुवाद
बड़ी शिक्षा या तपस्या और त्याग से क्या लाभ? धार्मिक शास्त्रों का अध्ययन, एकांत और मौन में रहना, और फिर भी स्त्री द्वारा मन चुरा लेना, इन सबका क्या लाभ?
What is the benefit of higher education or penance and sacrifice? Similarly, what is the benefit of studying religious scriptures, living in solitude and silence and then having a woman steal someone's heart?
तात्पर्य
उपर्युक्त सभी प्रक्रियाएँ व्यर्थ हैं, यदि किसी का हृदय और मन एक तुच्छ महिला द्वारा चुरा लिया जाता है। जो कोई भी स्त्री के संग की लालसा रखता है, वह निश्चित रूप से अपनी आध्यात्मिक प्रगति को खराब करता है। श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर कहते हैं कि यदि कोई वृंदावन की मुक्त गोपियों के उदाहरण की पूजा करता है, जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण को अपना परम प्रेमी स्वीकार किया, तो वह अपनी मानसिक गतिविधियों को वासना के दूषित होने से मुक्त कर सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥