Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.26.10: यद्यपि मैं प्रचुर ऐश्वर्य से युक्त शक्तिशाली नरेश था, किन्तु उसने मुझे ऐसे त्याग दिया मानो मैं कोई घास का मामूली पत्ता हूँ। फिर भी, मैं नग्न और बिना शर्म के, एक पागल व्यक्ति की तरह रोता-चिल्लाता उसके पीछे-पीछे भटकता रहा। | bhagavat अध्याय 11.26: ऐल-गीत । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि मैं प्रचुर ऐश्वर्य से युक्त शक्तिशाली नरेश था, किन्तु उसने मुझे ऐसे त्याग दिया मानो मैं कोई घास का मामूली पत्ता हूँ। फिर भी, मैं नग्न और बिना शर्म के, एक पागल व्यक्ति की तरह रोता-चिल्लाता उसके पीछे-पीछे भटकता रहा।
Although I was a powerful king endowed with great wealth, that woman abandoned me as if I were a lowly blade of grass. Yet I continued to chase her, screaming like a madman, naked and without shame.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥