Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.25.30: अतः भौतिक पदार्थ, स्थान, कर्म का फल, समय, ज्ञान, कर्म, कर्ता, श्रद्धा, चेतना की अवस्था, जीव योनि और मृत्यु के पश्चात गंतव्य - ये सभी प्रकृति के तीनों गुणों पर आधारित हैं। | bhagavat अध्याय 11.25: प्रकृति के तीन गुण तथा उनसे परे । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रव्यं देश: फलं कालो ज्ञानं कर्म च कारक: ।
श्रद्धावस्थाकृतिर्निष्ठा त्रैगुण्य: सर्व एव हि ॥ ३० ॥
अनुवाद
अतः भौतिक पदार्थ, स्थान, कर्म का फल, समय, ज्ञान, कर्म, कर्ता, श्रद्धा, चेतना की अवस्था, जीव योनि और मृत्यु के पश्चात गंतव्य - ये सभी प्रकृति के तीनों गुणों पर आधारित हैं।
Therefore, physical objects, place, results of actions, time, knowledge, action, doer, faith, state of consciousness, form of life and destination after death - all these are dependent on the three qualities of nature.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥