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bhagavat 11.23.60: अरे उद्धव, तुम अपनी बुद्धि को मुझ पर स्थिर रखकर अपने मन को पूरी तरह से काबू में रखो। योग विज्ञान का सार यही है।   |   bhagavat अध्याय 11.23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  11.23.60 
तस्मात् सर्वात्मना तात निगृहाण मनो धिया ।
मय्यावेशितया युक्त एतावान् योगसङ्ग्रह: ॥ ६० ॥
 
 
अनुवाद
अरे उद्धव, तुम अपनी बुद्धि को मुझ पर स्थिर रखकर अपने मन को पूरी तरह से काबू में रखो। योग विज्ञान का सार यही है।
 
O Uddhava, you must bring your mind under complete control by fixing your mind on Me. This is the essence of the science of Yoga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)