Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.23.36: यद्यपि उसका मौनव्रत धारण कर रखा था परन्तु फिर भी वे उससे बोलने का प्रयास करते और यदि वह न बोलता तो वे उसे लाठियों से पीटते थे। अन्य लोग उसे यह कह कर प्रताडि़त करते कि यह आदमी चोर है। अन्य लोग उसे रस्सी से बांध देते और चिल्लाते, "उसे बाँधो! उसे बाँधो!" | bhagavat अध्याय 11.23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि उसका मौनव्रत धारण कर रखा था परन्तु फिर भी वे उससे बोलने का प्रयास करते और यदि वह न बोलता तो वे उसे लाठियों से पीटते थे। अन्य लोग उसे यह कह कर प्रताडि़त करते कि यह आदमी चोर है। अन्य लोग उसे रस्सी से बांध देते और चिल्लाते, "उसे बाँधो! उसे बाँधो!"
Although he had taken a vow of silence, they tried to make him speak and if he did not speak, they beat him with sticks. Others harassed him saying that this man is a thief. Others tied him with ropes and shouted, “Tie him up! Tie him up!”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥