Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.23.31: भगवान् श्रीकृष्ण ने आगे कहा : उस दृढ़ संकल्पवान श्रेष्ठ अवंती ब्राह्मण ने अपने हृदय में स्थित इच्छाओं की गाँठों को खोलने में सफलता प्राप्त कर ली और एक शांत व मौन संन्यासी साधु का वेश धारण कर लिया। | bhagavat अध्याय 11.23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान् श्रीकृष्ण ने आगे कहा : उस दृढ़ संकल्पवान श्रेष्ठ अवंती ब्राह्मण ने अपने हृदय में स्थित इच्छाओं की गाँठों को खोलने में सफलता प्राप्त कर ली और एक शांत व मौन संन्यासी साधु का वेश धारण कर लिया।
Lord Krishna said: That most determined Avanti Brahmin was able to open the knots of desire in his heart. Then he assumed the role of a calm and silent ascetic monk.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥