Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.23.27: जो व्यक्ति मौत के साये में हो, उसके लिए दौलत और दौलत देने वाले, इन्द्रियों को तृप्त करने वाली चीजों के भोग और उन्हें उपलब्ध कराने वाले या कोई भी ऐसा काम जिससे उसे इस भौतिक दुनिया में फिर से जन्म लेना पड़े, इन सबसे क्या लाभ? | bhagavat अध्याय 11.23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति मौत के साये में हो, उसके लिए दौलत और दौलत देने वाले, इन्द्रियों को तृप्त करने वाली चीजों के भोग और उन्हें उपलब्ध कराने वाले या कोई भी ऐसा काम जिससे उसे इस भौतिक दुनिया में फिर से जन्म लेना पड़े, इन सबसे क्या लाभ?
For one who is caught in the clutches of death, what is the benefit of wealth or the giver of wealth, sense-gratification or the giver of sense-gratification, or any type of fruitive action that causes him to be born again in this material world?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥