Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.23.26: धन प्राप्त करने के निरंतर व्यर्थ प्रयासों से बुद्धिमान व्यक्ति को कष्ट क्यों झेलना चाहिए? निस्संदेह, यह पूरा संसार किसी की मायावी शक्ति से अत्यधिक विचलित है। | bhagavat अध्याय 11.23: अवन्ती ब्राह्मण का गीत । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धन प्राप्त करने के निरंतर व्यर्थ प्रयासों से बुद्धिमान व्यक्ति को कष्ट क्यों झेलना चाहिए? निस्संदेह, यह पूरा संसार किसी की मायावी शक्ति से अत्यधिक विचलित है।
Why should a wise man suffer through constant futile efforts to acquire wealth? Indeed, this entire world is deeply bewildered by someone's illusory power.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥