परस्परानुप्रवेशात् तत्त्वानां पुरुषर्षभ ।
पौर्वापर्यप्रसङ्ख्यानं यथा वक्तुर्विवक्षितम् ॥ ७ ॥
अनुवाद
हे पुरुषों में श्रेष्ठ, चूँकि सूक्ष्म तथा स्थूल तत्त्व एक-दूसरे में गुँथ जाते हैं, इसीलिए दार्शनिक अपनी-अपनी इच्छानुसार विभिन्न प्रकारों से मूलभूत भौतिक तत्त्वों की गणना कर सकते हैं।
O best of men, since the subtle and gross elements penetrate one another, philosophers can, according to their own wishes, enumerate the fundamental material elements in various ways.
तात्पर्य
सामग्री निर्माण एक श्रृंखला प्रतिक्रिया के रूप में होता है जिसमें सूक्ष्म तत्व विस्तार करते हैं और उत्तरोत्तर घने तत्वों में बदल जाते हैं। चूँकि एक कारण एक अर्थ में अपने प्रभाव के भीतर मौजूद होता है, और प्रभाव कारण के भीतर सूक्ष्म रूप से मौजूद होता है, सभी सूक्ष्म और स्थूल तत्व एक दूसरे के भीतर प्रवेश कर गए हैं। इस प्रकार कोई मूल सामग्री तत्वों को कई अलग-अलग तरीकों से वर्गीकृत कर सकता है, उनकी कार्यप्रणाली के अनुसार विभिन्न संख्याएँ और नाम दे सकता है। यद्यपि भौतिक तत्व वैज्ञानिक गर्व से अपने व्यक्तिगत सिद्धांतों को सर्वोच्च मानते हैं, वे सभी अपनी व्यक्तिगत प्रवृत्तियों के अनुसार अनुमान लगा रहे हैं, जैसा कि इस और अगले श्लोक में वर्णित है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥