Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.22.37: भगवान कृष्ण ने कहा: मनुष्यों का भौतिक मन सकाम कर्मों के परिणामों से निर्मित होता है। यह पाँचों इन्द्रियों के साथ एक शरीर से दूसरे शरीर में भ्रमण करता है। यद्यपि आत्मा मन से अलग है, फिर भी वह उसका अनुसरण करती है। | bhagavat अध्याय 11.22: भौतिक सृष्टि के तत्त्वों की गणना । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान कृष्ण ने कहा: मनुष्यों का भौतिक मन सकाम कर्मों के परिणामों से निर्मित होता है। यह पाँचों इन्द्रियों के साथ एक शरीर से दूसरे शरीर में भ्रमण करता है। यद्यपि आत्मा मन से अलग है, फिर भी वह उसका अनुसरण करती है।
Lord Krishna said: The material mind of human beings is created by the result of fruitive activities. It moves from one body to another along with the five senses. Although the soul is different from the mind, it follows it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥