ममाङ्ग माया गुणमय्यनेकधा
विकल्पबुद्धीश्च गुणैर्विधत्ते ।
वैकारिकस्त्रिविधोऽध्यात्ममेक-
मथाधिदैवमधिभूतमन्यत् ॥ ३० ॥
अनुवाद
हे उद्धव, मेरी माया तीन गुणों वाली है और वह उन्हीं गुणों के माध्यम से कार्य करती है। वह सृष्टि की विविधताओं को उनकी अनुभूति करने के लिए चेतना की विविधताओं के साथ प्रकट करती है। भौतिक परिवर्तन के प्रकट परिणाम को तीन रूपों में समझा जाता है - अध्यात्मिक, अधिदैविक और अधिभौतिक।
O Uddhava, my Maya has three modes and she works through them. She manifests the diversities of creation along with the diversities of consciousness to realize them. The manifested result of physical change is understood in three forms—spiritual, supernatural and physical.
तात्पर्य
विकल्प-बुद्धी शब्द यह दर्शाता है कि विभिन्न भौतिक देहों के भीतर की चेतना, भगवान की रचना के विभिन्न पहलुओं को प्रकट करती है। सीगल जैसे पक्षी समुद्र की हवाओं में उड़ते हैं, जो भगवान की हवा और ऊंचाई की रचना का अनुभव करते हैं। मछली पानी के भीतर जीवन का अनुभव करती है, और अन्य जीव वृक्षों या पृथ्वी के भीतर जीवन का अनुभव करते हैं। मानव समाज अपनी स्वयं की जागरूकता की किस्मों को प्रदान करता है, और इसी तरह स्वर्ग और नरक में विभिन्न अनुभव उपलब्ध हैं। सभी प्रकार की भौतिक चेतना, भौतिक प्रकृति के तीन गुणों के परिवर्तन हैं, जो भगवान की भ्रामक ऊर्जा के विस्तार हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥