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bhagavat 11.22.21: कुछ दार्शनिक चार मूलभूत तत्त्वों के अस्तित्व का प्रस्ताव रखते हैं जिनमें से तीन - अग्नि, जल और पृथ्वी - चौथे तत्त्व आत्मा से निकलते हैं। एक बार अस्तित्व में आने पर ये तत्त्व विशाल ब्रह्मांड को जन्म देते हैं जिसमें सारी भौतिक सृष्टि होती है।   |   bhagavat अध्याय 11.22: भौतिक सृष्टि के तत्त्वों की गणना   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 22: भौतिक सृष्टि के तत्त्वों की गणना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  11.22.21 
चत्वार्येवेति तत्रापि तेज आपोऽन्नमात्मन: ।
जातानि तैरिदं जातं जन्मावयविन: खलु ॥ २१ ॥
 
 
अनुवाद
कुछ दार्शनिक चार मूलभूत तत्त्वों के अस्तित्व का प्रस्ताव रखते हैं जिनमें से तीन - अग्नि, जल और पृथ्वी - चौथे तत्त्व आत्मा से निकलते हैं। एक बार अस्तित्व में आने पर ये तत्त्व विशाल ब्रह्मांड को जन्म देते हैं जिसमें सारी भौतिक सृष्टि होती है।
 
Some philosophers affirm the existence of four fundamental elements—fire, water and earth—of which three elements emanate from a fourth element, spirit. Once in existence, these elements produce the vast universe in which all material creation takes place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)