Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.22.18: जब महत् तत्व और अन्य भौतिक तत्व परिवर्तित होते हैं, तो वे परमेश्वर की दृष्टि से अपनी विशिष्ट शक्तियां प्राप्त करते हैं और प्रकृति की शक्ति के साथ मिलकर वे ब्रह्माण्ड का निर्माण करते हैं। | bhagavat अध्याय 11.22: भौतिक सृष्टि के तत्त्वों की गणना । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महत् तत्व और अन्य भौतिक तत्व परिवर्तित होते हैं, तो वे परमेश्वर की दृष्टि से अपनी विशिष्ट शक्तियां प्राप्त करते हैं और प्रकृति की शक्ति के साथ मिलकर वे ब्रह्माण्ड का निर्माण करते हैं।
When the material elements like Mahat Tattva etc. are transformed, they receive their special powers by the glance of God. They produce the world egg (Universe) by the union of the energies of nature.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥