अकामः सर्व-कामो वा
मोक्ष-काम उदार-धीः
तीव्रेण भक्ति-योगेन
यजेता पुरुषं परम
"वह व्यक्ति जिसकी बुद्धि व्यापक है, चाहे वह सभी भौतिक इच्छाओं से भरा हो, बिना किसी भौतिक इच्छा के हो या मुक्ति की चाहत रखता हो, उसे निश्चित रूप से सर्वोच्च पूर्ण, भगवान के व्यक्तित्व की पूजा करनी चाहिए।"( भागवतम् 2.3.10)
