श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर ने बताया कि जब तक किसी की हालत बिलकुल ख़राब न हो जाए, तब तक किसी को अपनी देखभाल के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि इससे कर्ज़ पैदा हो जाएगा जिसका भुगतान इस भौतिक संसार में दोबारा जन्म लेकर ही किया जा सकता है। यह केवल उन लोगों पर लागू होता है जो खुद को साफ़ रखने की कोशिश में हैं न कि भगवान कृष्ण की पूजा में पूरी तरह से लगे हुए लोगों पर। एक सच्चा भक्त केवल भगवान की सेवा में ही खाता, पहनता और बोलता है और इस तरह दूसरों से जो भी मदद वह लेता है वह अपने लिए नहीं होती। वह पूरी तरह से भगवान की सेवा के लिए समर्पित होता है। बहरहाल, जो इस तरह से समर्पित नहीं होता उसे अपने कर्ज़ चुकाने के लिए फिर से ज़रूर जन्म लेना होगा।
