Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.17.57: "हाय! मेरे वृद्ध माता-पिता और गोद में बच्चे वाली मेरी पत्नी और मेरे अन्य बच्चे! मेरे बिना उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं है और उन्हें असहनीय पीड़ा सहनी पड़ेगी। मेरे गरीब रिश्तेदार मेरे बिना कैसे रह पाएँगे?" | bhagavat अध्याय 11.17: भगवान् कृष्ण द्वारा वर्णाश्रम प्रणाली का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहो मे पितरौ वृद्धौ भार्या बालात्मजात्मजा: ।
अनाथा मामृते दीना: कथं जीवन्ति दु:खिता: ॥ ५७ ॥
अनुवाद
"हाय! मेरे वृद्ध माता-पिता और गोद में बच्चे वाली मेरी पत्नी और मेरे अन्य बच्चे! मेरे बिना उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं है और उन्हें असहनीय पीड़ा सहनी पड़ेगी। मेरे गरीब रिश्तेदार मेरे बिना कैसे रह पाएँगे?"
"Alas! my aged parents and my wife with the child in her arms and my other children! Without me there is no one to protect them and they will have to suffer unbearably. How will my poor relatives survive without me?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥