Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.17.16: शांति, संयम, तप, स्वच्छता, संतोष, सहनशीलता, स्वाभाविक स्पष्टता, मेरे प्रति समर्पण, दया और सच्चाई ये ब्राह्मणों के स्वभाव के गुण हैं। | bhagavat अध्याय 11.17: भगवान् कृष्ण द्वारा वर्णाश्रम प्रणाली का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शांति, संयम, तप, स्वच्छता, संतोष, सहनशीलता, स्वाभाविक स्पष्टता, मेरे प्रति समर्पण, दया और सच्चाई ये ब्राह्मणों के स्वभाव के गुण हैं।
Peace, self-control, penance, purity, contentment, tolerance, easy frankness, devotion to Me, mercy and truth – these are the natural qualities of Brahmins.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥