येषु येषु च भूतेषु भक्त्या त्वां परमर्षय: ।
उपासीना: प्रपद्यन्ते संसिद्धिं तद् वदस्व मे ॥ ३ ॥
अनुवाद
कृपया मुझे उन सिद्धियों के बारे में बताएँ, जो महान ऋषि आपकी भक्ति से अर्जित करते हैं। साथ ही, कृपया समझाएँ कि वे आपके विभिन्न रूपों में से किनकी पूजा करते हैं।
Please tell me the siddhis that the Maharshis attain by worshipping You with devotion. Please also tell me the various forms of You that they worship.
तात्पर्य
श्री उद्धव जी यहाँ पर प्रभु के आध्यात्मिक विभूतियों के बारे में जिज्ञासा प्रकट करते हैं, जिनमें मुख्य हैं उनके विष्णु-तत्व से प्रकट वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न और अनिरुद्ध जैसे विस्तार। भगवान के विभिन्न पूर्ण विस्तारों की पूजा करने से कुछ विशेष पूर्णताएँ प्राप्त होती हैं, और श्री उद्धव यह जानना चाहते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥