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श्रीमद् भागवतम
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श्लोक 15
श्लोक
11.16.15
सिद्धेश्वराणां कपिल: सुपर्णोऽहं पतत्रिणाम् ।
प्रजापतीनां दक्षोऽहं पितृणामहमर्यमा ॥ १५ ॥
अनुवाद
मैं सिद्धों में भगवान कपिल के समान और पक्षियों में गरुड़ के समान हूँ। मैं प्रजापतियों में दक्ष के समान और पितरों में अर्यमा के समान हूँ।
I am Lord Kapil among the Siddhas and Garuda among the birds. I am Daksha among the Prajapatis and Aryama among the Pitris.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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