Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 11.15.2: श्री उद्धव ने कहा: हे अच्युत, योग-सिद्धि किस विधि से प्राप्त की जा सकती है और ऐसी सिद्धि का स्वभाव क्या है? योग-सिद्धियाँ कितनी हैं? कृपा करके ये बातें मुझसे बतलाइये। निश्चय ही, आप समस्त योग-सिद्धियों के प्रदाता हैं।   |   bhagavat अध्याय 11.15: भगवान् कृष्ण द्वारा योग-सिद्धियों का वर्णन   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 15: भगवान् कृष्ण द्वारा योग-सिद्धियों का वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  11.15.2 
श्रीउद्धव उवाच
कया धारणया कास्वित् कथं वा सिद्धिरच्युत ।
कति वा सिद्धयो ब्रूहि योगिनां सिद्धिदो भवान् ॥ २ ॥
 
 
अनुवाद
श्री उद्धव ने कहा: हे अच्युत, योग-सिद्धि किस विधि से प्राप्त की जा सकती है और ऐसी सिद्धि का स्वभाव क्या है? योग-सिद्धियाँ कितनी हैं? कृपा करके ये बातें मुझसे बतलाइये। निश्चय ही, आप समस्त योग-सिद्धियों के प्रदाता हैं।
 
Sri Uddhava said: O Achyuta, by what method can one attain Yog Siddhi and what is the nature of such Siddhi? How many Yog Siddhis are there? Kindly tell me these things. Undoubtedly, you are the bestower of all Yog Siddhis.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)