भगवान ने कहा: हे उद्धव! योग की सिद्धियाँ उसी योगी द्वारा प्राप्त की जाती हैं, जिसने अपनी इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर ली हो, अपने मन को स्थिर कर लिया हो, श्वास-प्रश्वास की क्रिया को वश में कर लिया हो और अपने मन को मुझमें स्थिर कर लिया हो।
The Lord said: O Uddhava, the Yoga Siddhis are attained by the Yogi who has conquered his senses, has calmed his mind, has mastered Pranayama and who has fixed his mind on Me.
तात्पर्य
आठ प्रधान सिद्धियां, जैसे-अणिमा सिद्धि, और दस गौण सिद्धियां हैं। इस पंद्रहवें अध्याय में भगवान कृष्ण बताएंगे कि ऐसी सिद्धियां वास्तव में कृष्ण चेतना के विकास में बाधा बनती हैं, और इसलिए किसी को भी उनकी इच्छा नहीं करनी चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥