Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.14.35: ॐकार में स्थिर होकर सूर्योदय, दोपहर और सूर्यास्त के दौरान दस-दस बार प्राणायाम को ध्यानपूर्वक करना चाहिए। इस तरह एक माह के पश्चात वह प्राण वायु पर विजय प्राप्त कर लेगा। | bhagavat अध्याय 11.14: भगवान् कृष्ण द्वारा उद्धव से योग-वर्णन । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ॐकार में स्थिर होकर सूर्योदय, दोपहर और सूर्यास्त के दौरान दस-दस बार प्राणायाम को ध्यानपूर्वक करना चाहिए। इस तरह एक माह के पश्चात वह प्राण वायु पर विजय प्राप्त कर लेगा।
Having become stable in Omkar, a person should carefully practice Pranayama ten times at sunrise, noon and sunset. In this way, after one month, he will be able to conquer the breath.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥