Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.13.3: सात्विक गुण से मजबूत हुआ धर्म, राजसिक और तामसिक गुणों के प्रभाव को मिटा देता है। जब राजसिक और तामसिक गुण हार जाते हैं, तब उनका मुख्य कारण अधर्म भी तुरंत नष्ट हो जाता है। | bhagavat अध्याय 11.13: हंसावतार द्वारा ब्रह्मा-पुत्रों के प्रश्नों के उत्तर । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्विक गुण से मजबूत हुआ धर्म, राजसिक और तामसिक गुणों के प्रभाव को मिटा देता है। जब राजसिक और तामसिक गुण हार जाते हैं, तब उनका मुख्य कारण अधर्म भी तुरंत नष्ट हो जाता है।
Dharma reinforced by Satva Guna destroys the effects of Rajo and Tamo Guna. When Rajo and Tamo Guna are defeated, their root cause, which is Adharma, is immediately destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥