जिसने मुझे अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य मान लिया है, उसे शास्त्रीय आदेशों का कठोरता से पालन करना चाहिए जो पापपूर्ण कार्यों को मना करते हैं और जहाँ तक संभव हो, स्वच्छता जैसे छोटे नियमों का पालन करना चाहिए। लेकिन अंत में, उसे एक वास्तविक आध्यात्मिक गुरु के पास जाना चाहिए जो मेरे वास्तविक स्वरूप के ज्ञान से पूर्ण हो, जो शांतिपूर्ण हो और जो आध्यात्मिक उन्नति के कारण मुझसे अलग नहीं है।
One who has accepted Me as the ultimate goal of his life should strictly follow the scriptural injunctions prohibiting sinful acts and as far as possible perform the minor rules, such as those recommending cleanliness. But ultimately he should go to the bona fide Guru, who is full of the knowledge of My manifest form, who is tranquil and who is not separated from Me by spiritual elevation.
तात्पर्य
यमान शब्द व्यक्ति की पवित्रता को बनाए रखने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण नियमों-उपदेशों को संदर्भित करता है। कृष्ण भावनामृत आंदोलन में सभी प्रामाणिक सदस्यों को मांस, मछली और अंडे खाना बंद कर देना चाहिए, और उन्हें नशे, जुए और अवैध सेक्स से भी बचना चाहिए। शब्द अभिक्षणम इंगित करता है कि व्यक्ति किसी भी समय इस तरह की निषिद्ध गतिविधियों को नहीं कर सकता, यहाँ तक कि कठिन परिस्थितियों में भी नहीं। नियमन शब्द कम अनिवार्य निर्देशों को संदर्भित करता है, जैसे प्रतिदिन तीन बार स्नान करना। कुछ कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति प्रतिदिन तीन बार स्नान नहीं कर सकता है फिर भी अपनी आध्यात्मिक स्थिति बनाए रख सकता है। लेकिन अगर व्यक्ति पापपूर्ण, निषिद्ध गतिविधियों में संलग्न होता है, तो कठिन परिस्थितियों में भी, निस्संदेह एक आध्यात्मिक पतन होगा। अंततः, जैसा कि उपदेशामृत में बताया गया है, नियमों और विनियमों का मात्र पालन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक पूर्णता नहीं मिल सकती है। व्यक्ति को एक प्रामाणिक आध्यात्मिक गुरु के पास जाना चाहिए जो मद-अभिज्ञम है, या भगवान के व्यक्तिगत रूप के पूर्ण ज्ञान में है। शब्द मट ("मुझे") एक प्रामाणिक आध्यात्मिक गुरु के निर्गुण सत्य की अवधारणा रखने की संभावना को नकारता है। इसके अलावा, गुरु को अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए; इसलिए उन्हें शांत या शांतिपूर्ण कहा जाता है। भगवान के मिशन के प्रति पूर्ण समर्पण के कारण ऐसा आध्यात्मिक गुरु मद्-आत्मकम है, या भगवान के व्यक्तित्व से भिन्न नहीं है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥