Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.90.45: चूँकि श्रीकृष्ण परम पुरुषोत्तम भगवान् हैं, अतएव यादवों ने उन्हें अपना सर्वोच्च अधिकार माना। और इन सबों में से, जो उनके निकट सहयोगी थे, उन्होंने विशेष रूप से उन्नति की। | bhagavat अध्याय 10.90: भगवान् कृष्ण की महिमाओं का सारांश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषां प्रमाणं भगवान् प्रभुत्वेनाभवद्धरि: ।
ये चानुवर्तिनस्तस्य ववृधु: सर्वयादवा: ॥ ४५ ॥
अनुवाद
चूँकि श्रीकृष्ण परम पुरुषोत्तम भगवान् हैं, अतएव यादवों ने उन्हें अपना सर्वोच्च अधिकार माना। और इन सबों में से, जो उनके निकट सहयोगी थे, उन्होंने विशेष रूप से उन्नति की।
Since Sri Krishna is the Supreme Personality of Godhead, the Yadavas accepted Him as their supreme authority. And of all these, those who were His close associates made special progress.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥