कौन उन महान यादवों की गणना कर सकता है, जिनमें से अकेले राजा उग्रसेन के साथ तीस खरब परिचारक थे?
Who can count the great Yadavas, when king Ugrasena among them had three Neel (3,00,00,00,00,000) attendants.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती व्याख्या करते हैं कि क्यों विशेष रूप से तीस खरब, दसियों खरब की एक अनिश्चित संख्या के बजाय, यहाँ राजा उग्रसेन के परिचारकों की संख्या बताई गई है। वह "कपिंजलाधिकरण" की व्याख्यात्मक विधि का हवाला देकर ऐसा करता है, "कबूतरों का उल्लेख" का तर्क: वेदों में कहीं यह आदेश मिलता है कि "किसी को कुछ कबूतरों का बलिदान करना चाहिए।" इस बहुवचन संख्या को अनिश्चित संख्या में कबूतरों के रूप में नहीं, बल्कि तीनों को ठीक से लिया जाना चाहिए, क्योंकि वेद कभी भी किसी भी मामले को अस्पष्ट नहीं छोड़ते हैं। मीमांसा व्याख्या के नियम तीन को डिफ़ॉल्ट संख्या के रूप में लेते हैं जब कोई विशिष्ट संख्या नहीं दी जाती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥