श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 90: भगवान् कृष्ण की महिमाओं का सारांश  »  श्लोक 33-34
 
 
श्लोक  10.90.33-34 
प्रद्युम्नश्चानिरुद्धश्च दीप्तिमान् भानुरेव च ।
साम्बो मधुर्बृहद्भ‍ानुश्चित्रभानुर्वृकोऽरुण: ॥ ३३ ॥
पुष्करो वेदबाहुश्च श्रुतदेव: सुनन्दन: ।
चित्रबाहुर्विरूपश्च कविर्न्यग्रोध एव च ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
ये प्रद्युम्न, अनिरुद्ध, दीप्तिमान, भानु, साम्ब, मधु, बृहद्भानु, चित्रभानु, वृक, अरुण, पुष्कर, वेदबाहु, श्रुतदेव, सुनन्दन, चित्रबाहु, विरूप, कवि और न्यग्रोध थे।
 
Their names were Pradyumna, Aniruddha, Deeptiman, Bhanu, Samba, Madhu, Brihadbhanu, Chitrabhanu, Vrik, Arun, Pushkar, Vedabahu, Shrutdev, Sunandan, Chitrabahu, Virupa, Kavi and Nyagrodha.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती के मत में, यहाँ वर्णित अनिरुद्ध, भगवान कृष्ण के पुत्र हैं, न कि प्रद्युम्न के सुज्ञात पोते।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)